अमावस्या 2026 तिथियाँ
2026 में 11 अमावस्या तिथियाँ हैं। पूरी सूची नीचे दी गई है, जो दिल्ली के मध्याह्न पंचांग से गणना की गई है।
| तारीख | वार | पक्ष |
|---|---|---|
| 18 जनवरी 2026 | Sun | New Moon |
| 17 फ़रवरी 2026 | Tue | New Moon |
| 18 मार्च 2026 | Wed | New Moon |
| 17 अप्रैल 2026 | Fri | New Moon |
| 16 मई 2026 | Sat | New Moon |
| 14 जुलाई 2026 | Tue | New Moon |
| 12 अगस्त 2026 | Wed | New Moon |
| 10 सितंबर 2026 | Thu | New Moon |
| 10 अक्टूबर 2026 | Sat | New Moon |
| 8 नवंबर 2026 | Sun | New Moon |
| 8 दिसंबर 2026 | Tue | New Moon |
अमावस्या का महत्व
अमावस्या कृष्ण पक्ष के अंत का नव चंद्र दिवस है, हर चंद्र मास में एक। यह पूर्वजों के तर्पण और श्राद्ध तथा पितृ दोष के उपायों का पारंपरिक दिन है; मौनी और सोमवती जैसी कुछ अमावस्याएँ विशेष महत्व रखती हैं।
अमावस्या नई शुरुआत के बजाय आत्म-चिंतन, पितृ कर्म और दान का समय है। इस दिन पूर्वजों के नाम जल और अन्न अर्पित करना पितृ दोष शांति का मुख्य उपाय है।
अन्य व्रत कैलेंडर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2026 में अमावस्या कब है?
2026 की अमावस्या तिथियाँ: 18 जनवरी 2026, 17 फ़रवरी 2026, 18 मार्च 2026, 17 अप्रैल 2026, 16 मई 2026, 14 जुलाई 2026, 12 अगस्त 2026, 10 सितंबर 2026, 10 अक्टूबर 2026, 8 नवंबर 2026, 8 दिसंबर 2026।
अमावस्या व्रत कैसे रखें?
अमावस्या नई शुरुआत के बजाय आत्म-चिंतन, पितृ कर्म और दान का समय है। इस दिन पूर्वजों के नाम जल और अन्न अर्पित करना पितृ दोष शांति का मुख्य उपाय है।
ये तिथियाँ कैसे निकाली गई हैं?
हर तारीख की गणना दिल्ली के मध्याह्न पंचांग से की गई है। चंद्र तिथि स्थान और समय पर निर्भर करती है, इसलिए अन्य शहरों में व्रत एक दिन आगे-पीछे हो सकता है।